केंद्रीय कर्मचारियों में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले (8th Pay Commission) में वेतन कितना बढ़ेगा। अभी सिफारिशें लागू होने में लगभग 18–20 महीने का समय लग सकता है, लेकिन इससे पहले ही कर्मचारी संभावित सैलरी (salary calculation) और फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) का अनुमान लगाने लगे हैं। यदि पुराना फार्मूला दोहराया गया, तो इस बार 60% महंगाई भत्ता (DA) पूरी गणना की दिशा तय कर सकता है।
पहले क्या हुआ था — 7वें आयोग का फॉर्मूला
7वां वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये तय किया था। यह 6वें वेतन आयोग के समय लागू 7,000 रुपये के न्यूनतम वेतन से 2.57 गुना ज्यादा था।
इस 2.57 फिटमेंट फैक्टर का बड़ा हिस्सा यानी लगभग 2.25 सिर्फ महंगाई भत्ते के न्यूट्रलाइजेशन (DA neutralization) के लिए था, जबकि बाकी हिस्सा वास्तविक वेतन वृद्धि (real pay hike) से जुड़ा था।
यही पैटर्न अब कर्मचारियों को उम्मीद दे रहा है कि नया आयोग भी महंगाई भत्ते को आधार बना सकता है।
8वें आयोग में 60% DA क्यों अहम
8वां वेतन आयोग की सिफारिशों से पहले अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता लगभग 60% पहुंच सकता है।
यह अनुमान AICPI-IW इंडेक्स (inflation index) के आंकड़ों पर आधारित है। अगर यही दर आधार बनी, तो नया फिटमेंट फैक्टर तय करने में इसका बड़ा रोल होगा।
सरल भाषा में समझें —
DA जितना ज्यादा, फिटमेंट फैक्टर उतना ऊंचा, और न्यूनतम वेतन उतना बड़ा।
हालांकि सरकार ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए सैलरी का अंतिम आंकड़ा बताना जल्दबाजी होगा। लेकिन इतिहास बताता है कि हर वेतन आयोग में DA ही मुख्य आधार रहा है।
कर्मचारियों से मांगे गए सुझाव
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है। इसमें वेतन संरचना, पेंशन और भत्तों को लेकर राय मांगी जा रही है।
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है और नई संरचना लागू होने में समय लगेगा।
क्या हो सकता है अनुमानित असर
अगर 60% DA आधार बनता है, तो –
- फिटमेंट फैक्टर बढ़ सकता है।
- न्यूनतम वेतन 26,000–30,000 रुपये के आसपास जाने की संभावना है।
- पेंशन में भी समान अनुपात में वृद्धि।
- भत्तों (allowances) का पुनर्गठन।
अभी सब अनुमान है, लेकिन एक बात लगभग तय मानी जा रही है — इस बार महंगाई भत्ता ही वेतन वृद्धि की असली चाबी बनेगा।