10 साल बाद फिर शुरू हुआ 1 वर्षीय B.Ed कोर्स B.Ed 1 Year Course – अब कम फीस में बन सकेंगे शिक्षक

B.Ed 1 Year Course 2026: शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। लगभग एक दशक पहले बंद हो चुका 1 वर्षीय बीएड (One Year B.Ed Course) फिर से चर्चा में है। नई शिक्षा व्यवस्था और नीतिगत बदलावों के बाद इसे सीमित पात्रता के साथ दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। खास बात यह है कि कई सरकारी संस्थानों में इसकी संभावित फीस ₹20,000 से ₹30,000 के बीच बताई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के छात्रों को सीधा लाभ मिल सकता है।

क्या है 1 वर्षीय B.Ed कोर्स?

बीएड (Bachelor of Education) एक प्रोफेशनल टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम है, जो स्कूल स्तर पर पढ़ाने के लिए अनिवार्य योग्यता मानी जाती है। पहले यह कोर्स 1 वर्ष का हुआ करता था, लेकिन बाद में इसे 2 वर्ष का कर दिया गया। अब नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के बाद शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) में कई विकल्पों पर काम हो रहा है, जिनमें 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड, 2 वर्षीय बीएड और विशेष परिस्थितियों में 1 वर्षीय बीएड शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोर्स उन अभ्यर्थियों के लिए उपयुक्त होगा, जिन्होंने पहले से पोस्ट ग्रेजुएशन या 4 वर्षीय स्नातक डिग्री पूरी कर ली है।

1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026

विवरणजानकारी
कोर्स का नाम1 वर्षीय B.Ed
अवधि1 वर्ष
पात्रतापोस्ट ग्रेजुएशन या 4 वर्षीय ग्रेजुएशन
अनुमानित फीस₹20,000 – ₹30,000
प्रवेश प्रक्रियामेरिट या प्रवेश परीक्षा
मान्यताNCTE / संबंधित विश्वविद्यालय

कौन कर सकता है 1 Year B.Ed Course?

प्रस्तावित नियमों के अनुसार इस कोर्स में वही अभ्यर्थी प्रवेश पा सकेंगे जिन्होंने –

  • पोस्ट ग्रेजुएशन (Post Graduation) पूरा किया हो।
  • या 4 वर्षीय ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की हो।
  • आमतौर पर न्यूनतम 50% अंकों की शर्त रखी जा सकती है, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट मिल सकती है। अंतिम पात्रता मानदंड संबंधित विश्वविद्यालय और नियामक संस्था द्वारा तय किए जाएंगे।

फीस ₹20,000–₹30,000 कैसे संभव?

सरकारी और अर्ध-सरकारी कॉलेजों में बीएड कोर्स पहले से ही अपेक्षाकृत कम फीस पर उपलब्ध है। यदि 1 वर्षीय कोर्स को दोबारा लागू किया जाता है, तो सब्सिडी (Subsidy) और छात्रवृत्ति योजनाओं के कारण फीस सीमित रखी जा सकती है।

हालांकि निजी संस्थानों में फीस अधिक हो सकती है, लेकिन सरकारी विश्वविद्यालयों में यह कोर्स किफायती दर पर उपलब्ध होने की संभावना जताई जा रही है। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।

शिक्षक भर्ती में मिलेगा फायदा

भारत में हर वर्ष हजारों पदों पर शिक्षक भर्ती (Teacher Recruitment) निकलती है। टीजीटी (TGT), पीजीटी (PGT), प्राथमिक शिक्षक और विभिन्न राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में बीएड डिग्री अनिवार्य होती है।

यदि 1 वर्षीय बीएड को मान्यता मिलती है, तो अभ्यर्थी कम समय में अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी कर भर्ती परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य शिक्षकों की कमी को दूर करने में भी यह कदम अहम साबित हो सकता है।

प्रवेश प्रक्रिया कैसी होगी?

प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) राज्य और विश्वविद्यालय के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

  • कुछ संस्थान मेरिट के आधार पर प्रवेश देंगे।
  • कुछ प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग के बाद अंतिम चयन किया जा सकता है।

अधिकृत अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट नियम सामने आएंगे।

करियर और वेतन संभावनाएं

बीएड डिग्री हासिल करने के बाद उम्मीदवार सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्य कर सकते हैं। सरकारी स्कूलों में शुरुआती वेतन लगभग ₹35,000 से ₹60,000 प्रतिमाह तक हो सकता है। निजी स्कूलों में वेतन संस्थान और अनुभव के अनुसार तय होता है।

अनुभव, उच्च योग्यता और पदोन्नति के साथ वेतन में बढ़ोतरी की पूरी संभावना रहती है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल 1 वर्षीय बीएड को लेकर विभिन्न राज्यों और संस्थानों में चर्चा जारी है। अंतिम निर्णय संबंधित विश्वविद्यालयों और नियामक संस्था द्वारा लिया जाएगा। यदि इसे आधिकारिक मंजूरी मिलती है, तो यह लाखों युवाओं के लिए शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।

Leave a Comment