देश में बेरोजगारी कम करने और युवाओं को त्वरित रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। ONEST (Open Network for Employment Services) नाम का यह (platform) फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है, जहां स्थानीय युवाओं को 15 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ 15 मिनट के भीतर नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
यह पूरी व्यवस्था तकनीक आधारित है, जिसमें नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थी और कर्मचारियों की जरूरत रखने वाली कंपनियां सीधे एक-दूसरे से जुड़ सकेंगी। सरकार का दावा है कि इससे भर्ती प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त होगी।
बारकोड आधारित सिस्टम और (AI) मैचिंग
इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण (registration) QR code स्कैन या वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। उम्मीदवार अपनी योग्यता, कौशल और उपलब्धता दर्ज करते हैं, जबकि कंपनियां अपनी रिक्तियां अपलोड करती हैं।
ब्लू-डेटा और (AI) आधारित सिस्टम तुरंत डेटा मिलान कर उपयुक्त उम्मीदवारों को (shortlist) करता है। यानी लोकल स्तर पर जॉब मैचिंग बेहद तेजी से होगी।
इस प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट 19-20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित AI समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
प्लेसमेंट एजेंसियों पर लगाम
अब तक कई निजी एजेंसियां नौकरी दिलाने के नाम पर कमीशन लेती थीं। ONEST लागू होने के बाद उम्मीदवार सीधे कंपनी से बात करेगा। इससे फर्जी जॉब ऑफर, अतिरिक्त शुल्क और देरी जैसी समस्याएं कम होने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि यह प्रणाली योग्यता आधारित भर्ती को बढ़ावा देगी और स्थानीय रोजगार को मजबूती मिलेगी।
नौकरी पाने के लिए ऐसे करें पंजीकरण
- वेबसाइट पर जाकर अकाउंट बनाएं।
- मोबाइल या ई-मेल दर्ज कर OTP सत्यापन करें।
- नाम, जन्मतिथि और संपर्क विवरण भरें।
- अपना (profile) तैयार करें।
- शिक्षा, कौशल, अनुभव और अपेक्षित वेतन दर्ज करें।
- सेव प्रोफाइल कर आवेदन पूरा करें।
कंपनियां ऐसे पोस्ट करें जॉब
- बिजनेस अकाउंट बनाएं।
- संगठन और संपर्क विवरण भरें।
- रिक्त पद अपलोड करें।
- सिस्टम 15 मिनट में स्थानीय उम्मीदवार सुझाएगा
क्यों खास है यह पहल
यह प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर रोजगार खोजने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना देता है। उम्मीदवार को लंबी आवेदन प्रक्रिया या कई इंटरव्यू राउंड से नहीं गुजरना पड़ेगा। वहीं उद्योगों को तुरंत उपलब्ध कार्यबल मिलेगा।
अगर पायलट सफल रहा, तो भविष्य में इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है, जिससे रोजगार ढूंढने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।